लेडी सिंघम के नाम से मशहूर श्रेष्ठा ठाकुर एटीएस लखनऊ का एएसपी बनाया गया।
यह पद अत्यंत संवेदनशील और चुनौतीपूर्ण माना जाता है, क्योंकि एटीएस राज्य में आतंकवाद-रोधी अभियानों और सुरक्षा से जुड़े मामलों की निगरानी करता है।

लेडी सिंघम के नाम से मशहूर श्रेष्ठा ठाकुर एटीएस लखनऊ का एएसपी बनाया गया।
डा० शक्ति कुमार पाण्डेय
ग्लोबल भारत न्यूज नेटवर्क
लखनऊ, 25 अप्रैल।
यह पद अत्यंत संवेदनशील और चुनौतीपूर्ण माना जाता है, क्योंकि एटीएस राज्य में आतंकवाद-रोधी अभियानों और सुरक्षा से जुड़े मामलों की निगरानी करता है।
श्रेष्ठा ठाकुर मूलत: उन्नाव की रहने वाली हैं। उन्होंने 2012 में यूपीपीएससी परीक्षा पास की थी। पहली बार 2017 में चर्चा में आईं। उस वक्त बुलंदशहर में सीओ थीं। चालान काटने को लेकर उनकी एक पार्टी के कार्यकर्ता से बीच सड़क बहस हुई थी, जिसका वीडियो वायरल हुआ था। बाद में उनका ट्रांसफर नेपाल बॉर्डर के पास बहराइच जिले में कर दिया गया था।
सख्त कार्यशैली और बेबाक अंदाज के लिए जानी जाने वाली श्रेष्ठा ठाकुर को इस बार एक बेहद अहम जिम्मेदारी सौंपी गई है। उन्हें एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (एटीएस), लखनऊ में एडिशनल एसपी के पद पर तैनात किया गया है। यह पद अत्यंत संवेदनशील और चुनौतीपूर्ण माना जाता है, क्योंकि एटीएस राज्य में आतंकवाद-रोधी अभियानों और सुरक्षा से जुड़े मामलों की निगरानी करता है।
वर्ष 2012 बैच की पीपीएस अधिकारी श्रेष्ठा ठाकुर मूल रूप से उन्नाव की रहने वाली हैं और अपने करियर के दौरान कई अहम पदों पर कार्य कर चुकी हैं। बागपत में एएसपी रहते हुए उन्होंने अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर अपनी अलग पहचान बनाई थी।
उनकी लोकप्रियता 2017 में उस समय और बढ़ी, जब बुलंदशहर में सीओ पद पर तैनाती के दौरान एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें वे नियमों का पालन करवाने के लिए एक राजनीतिक कार्यकर्ता से सख्ती से पेश आती नजर आई थीं। इसके बाद उन्हें ‘लेडी सिंघम’ का नाम दिया गया और उनकी कार्यशैली की व्यापक चर्चा हुई।


